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प्रेरणा
"कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। अर्थ: कर्म करने में ही तुम्हारा अधिकार है, फल की चिंता मत करो।"
— श्रीमद्भगवद्गीता
और देखेंअध्यात्म
"अन्तःकरण की शुद्धि से ही सारे तप हो जाते हैं, अन्तःकरण की शुद्धि से ही सारे पूजन हो जाते हैं।"
— स्वामी विवेकानंद
और देखेंप्रेम
"प्रेम की बातें करना आसान है, लेकिन सच्चा प्रेम करना मुश्किल है। सच्चा प्रेम त्याग, समर्पण और विश्वास से बनता है।"
— मीराबाई
और देखेंदर्द
"जो मनुष्य अपने दुखों को दूसरों के साथ बांटने की कोशिश करता है, वह अपने दुखों को कम कर लेता है।"
— संत कबीर दास
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शब्दों में छुपी रोशनी
शुक्रवार, 13 फ़रवरी
आज का विचार
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"विश्वास करो कि तुम कर सकते हो और तुम आधे रास्ते पर हो।"
— थियोडोर रूजवेल्ट
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